यूपी बोर्ड के 940 विद्यालय 26 तक करें नामावली जनरेट नहीं तो होगी कार्रवाई क्षा 9 व 11 के अग्रिम पंजीकरण, कक्षा 10 व 12 के परीक्षा आवेदन से संबंधित प्रक्रिया पूरी करें
प्रयागराज। यूपी बोर्ड ने शैक्षिक सत्र 2026 - 27 के लिए कक्षा 9 एवं 11 के अग्रिम पंजीकरण तथा कक्षा 10 एवं 12 के परीक्षा आवेदन से संबंधित नामावली जनरेट करने में लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों को अंतिम अवसर आज सख्त चेतावनी के साथ दिया है। निर्धारित तिथि 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 22 अक्टूबर 2026 किए जाने के बावजूद 940 विद्यालयों ने अब तक नामावली जनरेट नहीं की है।
इस संबंध में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से आज जारी विज्ञप्ति में संबंधित विद्यालयों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वह 26 अक्टूबर 2026 तक नामावली जनरेट एवं डाउनलोड कर कोषपत्र की एक प्रति सहित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें।
सचिव भगवती सिंह ने विज्ञप्ति में कहा है कि पूर्व में विद्यालयों को 15 अक्टूबर तक नामावली जनरेट कर डाउनलोड की गई प्रति के साथ कोषपत्र जमा करना था। बाद में समय सीमा बढ़ाकर 22 अक्टूबर की गई थी लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यालयों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की। बोर्ड सचिव ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अंतिम तिथि तक आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। संबंधित विद्यालयों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए समयसीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है अन्यथा संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य जिम्मेदार होगे।
इस संबंध में यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से आज जारी विज्ञप्ति में संबंधित विद्यालयों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वह 26 अक्टूबर 2026 तक नामावली जनरेट एवं डाउनलोड कर कोषपत्र की एक प्रति सहित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा करना सुनिश्चित करें।
सचिव भगवती सिंह ने विज्ञप्ति में कहा है कि पूर्व में विद्यालयों को 15 अक्टूबर तक नामावली जनरेट कर डाउनलोड की गई प्रति के साथ कोषपत्र जमा करना था। बाद में समय सीमा बढ़ाकर 22 अक्टूबर की गई थी लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में विद्यालयों ने प्रक्रिया पूरी नहीं की। बोर्ड सचिव ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अंतिम तिथि तक आवश्यक कार्रवाई पूरी नहीं करने वाले विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। संबंधित विद्यालयों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करते हुए समयसीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करने को कहा है अन्यथा संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य जिम्मेदार होगे।