शरद पूर्णिमा की रात खीर में औषधि खाने को उमड़ी भीड़, तीन पीढ़ी से चल रही निशुल्क सेवा
मीरजापुर। शरद पूर्णिमा की रात अष्टभुजा शक्तिपीठ के पास गेरूहवा तालाब के नजदीक पहाड़ पर हजारों लोग जुटे। लोगों का कहना है कि इस रात खीर में जड़ी-बूटी की औषधि खाने से पुरानी खांसी, श्वास और दमा में राहत मिलती है।
वैद्य कमल मिश्रा यहां साल में एक बार शरद पूर्णिमा की अर्धरात्रि में खीर में औषधि देते हैं। उनका दावा है कि यह सेवा उनके दादा और पिता के समय से चली आ रही है। तीन पीढ़ी से यह सेवा निशुल्क की जा रही है।
वैद्य कमल मिश्रा ने बताया कि खीर बनाकर उसमें बिना चीनी या मीठा डाले चार से पांच घंटे खुले आसमान के नीचे रखना होता है। इसके बाद उसमें हिमालय की जड़ी-बूटी से बनी औषधि मिलाई जाती है।
उन्होंने बताया कि औषधि युक्त खीर खाने से पुरानी खांसी, दमा और श्वास से पीड़ित लोगों को राहत मिलती है।
इस बार भी मिर्जापुर जनपद के दूर-दराज क्षेत्रों के साथ ही अन्य प्रांतों से भी बड़ी संख्या में लोग औषधि लेने पहुंचे। पूरी रात पहाड़ पर लोगों की भीड़ लगी रही।