श्रम विभाग की बाल श्रम के खिलाफ छापेमारी,नौ किशोर मुक्त; पांच सेवायोजकों को नोटिस
मुजफ्फरनगर।बाल श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत श्रम विभाग और संबंधित टीमों ने बुद्धवार को पुरकाजी कस्बे के मुख्य बाजार,लक्सर रोड,भूराहेड़ी रोड और जीटी रोड सहित विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की।इस दौरान परचून की दुकानों,ज्वैलर्स की दुकानों,होटल-ढाबों,मिठाई की दुकानों,होंडा सर्विस सेंटर और फर्नीचर शोरूम का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान नौ किशोरों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया जबकि पांच सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी कर विधिक कार्रवाई शुरू की गई।जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के निर्देश पर सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया।टीम में श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह,शालू राणा,थाना एएचटीयू प्रभारी सत्येंद्र नागर,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्र के प्रतिनिधि शामिल रहे।श्रम प्रवर्तन अधिकारी बालेश्वर सिंह ने बताया कि बाल श्रम के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।सहायक श्रम आयुक्त देवेश सिंह ने सभी सेवायोजकों से अपील की कि वे 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और किशोरों से कानून के विरुद्ध किसी भी प्रकार का कार्य न कराएं। बच्चों का प्राथमिक अधिकार शिक्षा है।उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों के लिए निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा की व्यवस्था है।उन्होंने बताया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित परिस्थितियों में बच्चों से काम कराने पर सेवायोजकों के विरुद्ध 20 हजार से 50 हजार रुपये तक के जुर्माने और दो वर्ष तक की कैद का प्रावधान है।जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन संस्था ग्रामीण समाज विकास केंद्र के गजेंद्र सिंह ने कहा कि संस्था बाल अधिकारों की रक्षा के लिए शासन-प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रही है।बच्चों का बचपन सुरक्षित रखने और बाल श्रम रोकने के लिए ऐसे अभियानों में संस्था निरंतर सहयोग करती रहेगी।अभियान के दौरान पैरा लीगल वॉलंटियर गौरव मलिक,थाना एएचटीयू से उपनिरीक्षक जगत सिंह और कांस्टेबल जयप्रकाश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।