सरदार पटेल की जयंती पर पुलिसकर्मियों ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ
फतेहपुर। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सुल्तानपुर घोष थाना परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक तेजबहादुर सिंह चंदेल के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने परेड की और राष्ट्रीय एकता की शपथ ली। इस दौरान सभी ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के साथ बिना किसी भेदभाव के निष्पक्षता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में क्राइम प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद कमर खान ने सरदार पटेल के जीवन और देश के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में जन्मे सरदार पटेल ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्ष 1928 में बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व करने के बाद उन्हें श्सरदारश् की उपाधि मिली। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के रूप में सरदार पटेल ने करीब 562 रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से देश की एकता और अखंडता को मजबूत आधार मिला। भारतीय प्रशासनिक सेवा सहित अखिल भारतीय सेवाओं को सुदृढ़ करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। देश के लिए उनके असाधारण योगदान के कारण उन्हें लौह पुरुष कहा जाता है। वर्ष 1991 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में पुलिसकर्मियों ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रीय एकता की भावना को बनाए रखने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर थाना प्रभारी निरीक्षक तेजबहादुर सिंह चंदेल सहित थाने के समस्त पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में क्राइम प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद कमर खान ने सरदार पटेल के जीवन और देश के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में जन्मे सरदार पटेल ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वर्ष 1928 में बारडोली सत्याग्रह का नेतृत्व करने के बाद उन्हें श्सरदारश् की उपाधि मिली। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री के रूप में सरदार पटेल ने करीब 562 रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने में अहम भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से देश की एकता और अखंडता को मजबूत आधार मिला। भारतीय प्रशासनिक सेवा सहित अखिल भारतीय सेवाओं को सुदृढ़ करने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। देश के लिए उनके असाधारण योगदान के कारण उन्हें लौह पुरुष कहा जाता है। वर्ष 1991 में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में पुलिसकर्मियों ने उनके आदर्शों पर चलने और राष्ट्रीय एकता की भावना को बनाए रखने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर थाना प्रभारी निरीक्षक तेजबहादुर सिंह चंदेल सहित थाने के समस्त पुलिसकर्मी मौजूद रहे।