पांच लाख की रंगदारी नहीं दी तो किया हमला, गला दबाकर मारने की कोशिश का आरोप
झांसी। झांसी के भगवंतपुरा में प्लॉट पर निर्माण कार्य कराने को लेकर पांच लाख रुपये की मांग और कथित दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि अतिरिक्त पांच लाख रुपये देने से इनकार करने पर एक व्यक्ति अपनी पुत्री के साथ प्लॉट पर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। लाठी-डंडों और ईंटों से हमला करने के साथ गला दबाकर जान से मारने की कोशिश किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। इतना ही नहीं, बीच-बचाव करने आए दो लोगों को भी कथित तौर पर पीटा गया, मजदूरों को काम से भगा दिया गया और प्लॉट की बाउंड्री का कुछ हिस्सा तोड़ दिया गया। पीड़ित के मुताबिक, इस घटना में करीब 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। मामले को लेकर पीड़ित ने थाना सदर बाजार में प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, बंगला नंबर 41, ओरछा रोड, कैंट सदर बाजार निवासी गगन प्रताप सिंह विज पुत्र हरविंदर सिंह विज 28 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे भगवंतपुरा स्थित अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य करा रहे थे। इसी दौरान राधेश्याम बोरेले पुत्र पन्नालाल बोरेले अपनी पुत्री के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने गाली-गलौज करते हुए पांच लाख रुपये देने के बाद ही काम शुरू करने की बात कही। जब पीड़ित ने सवाल किया कि आखिर वह पांच लाख रुपये किस बात के दे, तो विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।
पीड़ित का आरोप है कि राधेश्याम बोरेले ने लाठियों से हमला किया, जबकि उसकी पुत्री ने ईंटें उठाकर मारना शुरू कर दिया। आरोप है कि हमलावर ने पीड़ित को जमीन पर पटककर उसका गला दबाया और उसके ऊपर चढ़ गया, जिससे वह मौके पर बेहोश हो गया। प्लॉट पर काम कर रहे विजय अहिरवार ने उसे बचाने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट की गई। वहीं, रवि कुमार वंशकार के बीच-बचाव करने पर उसे भी निशाना बनाया गया। पीड़ित के अनुसार, इस घटना में उसे और बचाव के लिए आए लोगों को चोटें आईं।
आरोपों के मुताबिक, मामला यहीं नहीं थमा। जाते समय राधेश्याम बोरेले ने कथित तौर पर उसी दिन शाम पांच बजे तक अपने घर पांच लाख रुपये पहुंचाने की धमकी दी। रुपये नहीं मिलने पर प्लॉट की पूरी बाउंड्री तोड़ने और पीड़ित के साथ उसके पिता व भाई को जान से मारकर फेंक देने की धमकी दिए जाने का आरोप है। पीड़ित का कहना है कि मजदूरों को भी मारपीट कर भगा दिया गया और बाउंड्री का कुछ हिस्सा तोड़ दिया गया, जिससे लगभग 20 हजार रुपये की क्षति हुई।
पीड़ित ने प्रार्थना पत्र में जमीन के स्वामित्व और कब्जे का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2019 में उसकी मां ने उक्त जमीन राधेश्याम बोरेले से खरीदी थी। उसके अनुसार, तभी से परिवार का जमीन पर कब्जा है। इसके बावजूद अतिरिक्त पांच लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने, मारपीट, धमकी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।