मीरजापुर में मंडल स्तरीय एक दिवसीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन, वैज्ञानिक कुक्कुट पालन पर दिया गया जोर
मीरजापुर । पशुपालन विभाग, विन्ध्याचल मण्डल, मीरजापुर के तत्वावधान में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में मण्डल स्तरीय एक दिवसीय पोल्ट्री कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन किया गया।
कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि संयुक्त आयुक्त रमेश चंद्र रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर निदेशक, पशुपालन-द्वितीय डॉ. हेमलता शर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता मण्डलीय अधिकारियों द्वारा की गई तथा कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अजय कुमार दुबे ने किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और किसानों की आय को दोगुना करने में कुक्कुट पालन की अहम भूमिका है। यदि पोल्ट्री फार्मिंग को वैज्ञानिक तरीके से अपनाया जाए तो कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। यह स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम है, जिससे युवा और किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों द्वारा पोल्ट्री पालकों को कुक्कुट पालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई जिसमें उन्नत नस्लों का चयन: अधिक अंडा और मांस उत्पादन देने वाली उन्नत प्रजातियों के बारे में बताया गया।
संतुलित आहार और फीड की गुणवत्ता पर जोर दिया गया।
मौसमी बीमारियों से बचाव, समय पर टीकाकरण और साफ-सफाई के महत्व को समझाया गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय पशुधन मिशन सहित अन्य अनुदान योजनाओं और बैंक ऋण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
विन्ध्याचल मण्डल के मीरजापुर, भदोही और सोनभद्र जिलों से आए प्रगतिशील पोल्ट्री पालकों ने अपने अनुभव साझा किए और अपनी समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं।
कार्यक्रम में लखनऊ से पधारे संयुक्त निदेशक (पोल्ट्री) डॉ. मनीष सचान ने पोल्ट्री फार्म में बायो-सिक्योरिटी के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि फार्म में जैव सुरक्षा का पालन करने से ही बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है। वहीं डॉ. विजय कुमार शर्मा ने पोल्ट्री प्रबंधन के आधुनिक तौर-तरीकों के बारे में किसानों को जागरूक किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से अपर निदेशक ग्रेड-फर्स्ट, मुख्यालय लखनऊ डॉ. अनिल कुमार, उप निदेशक (पोल्ट्री) लखनऊ डॉ. बृजेश त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर भूपेंद्र कुमार, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुभाष सिंह सहित पशुपालन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में प्रगतिशील पोल्ट्री फार्मर गगन सिंह, विकास सेठ, सुनील पटेल सहित दर्जनों पोल्ट्री फार्मर मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने पोल्ट्री फार्मर को आश्वस्त किया कि विभाग द्वारा हर स्तर पर उन्हें तकनीकी और आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।