जनगणना-2027रू भदोही में चार केंद्रों पर प्रशिक्षण शुरू, अधिकारियों ने दिए जरूरी निर्देश प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को आंकड़ों की शुद्धता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर
भदोही। जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनपद में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी शैलेष कुमार ने सेंट थॉमस स्कूल, ज्ञानपुर में प्रशिक्षण का शुभारंभ कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। वहीं, मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विजय नारायण सिंह ने अन्य केंद्रों पर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शुभारंभ किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसके आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाएं और जनकल्याणकारी नीतियां तैयार की जाती हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को सभी प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं को गंभीरता से समझने और गणना के दौरान आंकड़ों की शुद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। ज्ञानपुर के सेंट थॉमस स्कूल तथा जयराजी देवी पब्लिक स्कूल, जंगीगंज में लगभग 250-250, जबकि एमए समद इंटर कॉलेज, भदोही और केशव प्रसाद राल्ही महाविद्यालय, नरथुआ में लगभग 500-500 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन केंद्रों पर क्रमशः 10, 10, 20 और 20 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रशिक्षण की गुणवत्ता, समयबद्ध संचालन और प्रशिक्षणार्थियों की शंकाओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनपदवासियों से 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) में ऑनलाइन भाग लेकर जनगणना-2027 को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के संकलन और जनगणना को निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराने में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
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जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसके आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाएं और जनकल्याणकारी नीतियां तैयार की जाती हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को सभी प्रक्रियाओं एवं तकनीकी पहलुओं को गंभीरता से समझने और गणना के दौरान आंकड़ों की शुद्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। ज्ञानपुर के सेंट थॉमस स्कूल तथा जयराजी देवी पब्लिक स्कूल, जंगीगंज में लगभग 250-250, जबकि एमए समद इंटर कॉलेज, भदोही और केशव प्रसाद राल्ही महाविद्यालय, नरथुआ में लगभग 500-500 प्रगणक एवं पर्यवेक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन केंद्रों पर क्रमशः 10, 10, 20 और 20 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रशिक्षण की गुणवत्ता, समयबद्ध संचालन और प्रशिक्षणार्थियों की शंकाओं के समाधान पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनपदवासियों से 16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) में ऑनलाइन भाग लेकर जनगणना-2027 को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के संकलन और जनगणना को निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराने में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता महत्वपूर्ण है।
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एएचटी/एसजेपीयू की मासिक समन्वय गोष्ठी और प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित, बाल सुरक्षा पर हुई चर्चा
शाहिद वारसी
मीरजापुर। पुलिस लाइन स्थित माँ विंध्यवासिनी सभागार में सोमवार को थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और एसजेपीयू की मासिक समन्वय गोष्ठी एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
अपर पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन लखनऊ के निर्देश के क्रम में एसपी अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नोडल अधिकारी के पर्यवेक्षण और सीओ कार्यालय मुनेन्द्र पाल सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इसमें जनपद के सभी थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम 2015, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन द्वारा जारी एसओपी पर विस्तार से चर्चा हुई। मानव तस्करी, बालश्रम, भिक्षावृत्ति, अनैतिक देह व्यापार की रोकथाम, विशेष रेस्क्यू अभियान, गुमशुदा बच्चों की बरामदगी, मेडिकल परीक्षण, धारा 183 बीएनएस के तहत बयान और सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुतीकरण के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता मिलने पर पॉक्सो सपोर्ट पर्सन को तत्काल सूचित किया जाए और बच्चों को 24 घंटे के अंदर सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। बालश्रम रोकथाम में श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास, संस्था आस्था, चाइल्ड हेल्प लाइन के सहयोग पर जोर दिया गया।
साथ ही 1098, 1090, 181, 112, 1930 सहित सभी हेल्पलाइन नंबरों का थानों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए। गोष्ठी में सीडब्ल्यूसी, डीपीओ, वन स्टॉप सेंटर, शक्ति सदन, श्रम विभाग और एनजीओ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।