जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू जनगणना की मूल अवधारणाओं, एचएलवी के प्रश्नों और प्रगणकों को प्रशिक्षण देने की विधि पर रहेगा विशेष जोर
भदोही। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना के लिए फील्ड ट्रेनर्स का जिला स्तरीय तीन दिवसीय प्रशिक्षण बुधवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), भदोही में शुरू हुआ। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी शैलेष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 07 से 09 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश के विकास और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। जनगणना के आंकड़ों का उपयोग विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं नीतियों को तैयार करने में किया जाता है। ऐसे में सभी अधिकारी और फील्ड ट्रेनर्स अपने दायित्वों को गंभीरता से समझते हुए प्रशिक्षण को पूरी गुणवत्ता के साथ प्राप्त करें, ताकि जनगणना कार्य के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण में दो मास्टर ट्रेनर्स द्वारा फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद यही फील्ड ट्रेनर्स प्रगणकों को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में जनगणना की बेसिक अवधारणाओं, एचएलवी (हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग) से संबंधित प्रश्नों के उत्तर, प्रगणकों के संभावित सवालों के समाधान तथा प्रशिक्षण की अन्य गतिविधियों पर विशेष जोर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने फील्ड ट्रेनर्स को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु को गंभीरता से समझें तथा शॉर्ट नोट और वर्किंग नोट तैयार करें। इससे आगे प्रगणकों को प्रशिक्षण देते समय आवश्यक जानकारी सरल और स्पष्ट तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि फील्ड ट्रेनर्स को स्वयं पूरी तरह दक्ष होकर प्रगणकों को प्रशिक्षित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक के अनुरूप जनगणना का कार्य कराया जा रहा है। इसके माध्यम से देश में लिंग, दिव्यांगता, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षिक स्तर, आर्थिक स्थिति और रोजगार सहित विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पहलुओं में हो रहे बदलावों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। उन्होंने जनगणना को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य बताते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और गंभीरता से निर्वहन करने का आह्वान किया।
16 से 30 नवंबर तक स्व-गणना का अवसर
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे पहले 16 से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना (ैमस िम्दनउमतंजपवद) का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से नागरिक निर्धारित पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार और परिवार के सदस्यों से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज कर सकेंगे।
द्वितीय चरण में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, विवाह के समय आयु, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जातिध्जनजाति, माता-पिता का विवरण, दिव्यांगता, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षिक स्तर, पिछले वर्ष कार्य करने की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, कार्यस्थल तक आवागमन, जन्म स्थान, पिछला निवास स्थान, वर्तमान निवास की अवधि और पिछले निवास का पता आदि से संबंधित जानकारी ली जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगे। इसलिए प्रत्येक स्तर पर प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए जनगणना कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्धता, पारदर्शिता और गंभीरता के साथ संपन्न कराया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारीध्अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे फील्ड ट्रेनर्स उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने फील्ड ट्रेनर्स को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु को गंभीरता से समझें तथा शॉर्ट नोट और वर्किंग नोट तैयार करें। इससे आगे प्रगणकों को प्रशिक्षण देते समय आवश्यक जानकारी सरल और स्पष्ट तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि फील्ड ट्रेनर्स को स्वयं पूरी तरह दक्ष होकर प्रगणकों को प्रशिक्षित करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक के अनुरूप जनगणना का कार्य कराया जा रहा है। इसके माध्यम से देश में लिंग, दिव्यांगता, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षिक स्तर, आर्थिक स्थिति और रोजगार सहित विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पहलुओं में हो रहे बदलावों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाएगा। उन्होंने जनगणना को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य बताते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और गंभीरता से निर्वहन करने का आह्वान किया।
16 से 30 नवंबर तक स्व-गणना का अवसर
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे पहले 16 से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना (ैमस िम्दनउमतंजपवद) का अवसर मिलेगा। इसके माध्यम से नागरिक निर्धारित पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार और परिवार के सदस्यों से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज कर सकेंगे।
द्वितीय चरण में व्यक्ति का नाम, परिवार के मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, विवाह के समय आयु, पति या पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म, अनुसूचित जातिध्जनजाति, माता-पिता का विवरण, दिव्यांगता, मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता, डिजिटल साक्षरता, शैक्षिक स्तर, पिछले वर्ष कार्य करने की स्थिति, व्यवसाय, उद्योग, कार्यस्थल तक आवागमन, जन्म स्थान, पिछला निवास स्थान, वर्तमान निवास की अवधि और पिछले निवास का पता आदि से संबंधित जानकारी ली जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के आंकड़े भविष्य की विकास योजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार करेंगे। इसलिए प्रत्येक स्तर पर प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए जनगणना कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्धता, पारदर्शिता और गंभीरता के साथ संपन्न कराया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर जिला जनगणना अधिकारीध्अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे फील्ड ट्रेनर्स उपस्थित रहे।