हर समस्या का समाधान संभव, जरूरत है रचनात्मक सोच और सेवाभाव की : विमल दुबे बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में मण्डलायुक्त का सम्मान, कुलपति ने विकास कार्यों में योगदान को सराहा
झाँसी। “हर समस्या का समाधान संभव है। आवश्यकता केवल रचनात्मक सोच, सकारात्मक दृष्टिकोण और सेवा के प्रति समर्पण की है। संवेदनशीलता, सहजता और प्रेम लोकसेवा के वास्तविक आधार हैं।” यह विचार मण्डलायुक्त विमल दुबे ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस कमेटी हॉल में आयोजित अपने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
विदाई पूर्व आयोजित समारोह में मण्डलायुक्त ने कहा कि प्रशासनिक सेवा की वास्तविक सफलता योजनाओं और उपलब्धियों के आंकड़ों में नहीं, बल्कि आमजन के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव में निहित होती है। उन्होंने विश्वविद्यालय से अपने आत्मीय संबंधों का उल्लेख करते हुए शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से मिले स्नेह के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की।
कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने कहा कि मण्डलायुक्त विमल दुबे ने झाँसी मण्डल के विकास, शहर के कायाकल्प तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा), स्मार्ट सिटी मिशन और एक्सप्रेसवे से जुड़ी विकास परियोजनाओं में उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि विमल दुबे की प्रशासनिक दक्षता, विनम्रता और जनहित के प्रति संवेदनशीलता प्रेरणादायी है।
इस अवसर पर मण्डलायुक्त की धर्मपत्नी एवं साहित्यकार रचना विमल को भी सम्मानित किया गया। कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर सहित अन्य वक्ताओं ने मण्डलायुक्त के प्रशासनिक कार्यों, सहयोगात्मक व्यवहार और विश्वविद्यालय के प्रति उनके योगदान की प्रशंसा की।
समारोह के अंत में कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने विश्वविद्यालय परिवार की ओर से मण्डलायुक्त विमल दुबे को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनुपम व्यास ने किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।