हमीदिया गर्ल्स कॉलेज में प्रो. चंद्रा पंत स्मृति व्याख्यान आयोजित
प्रयागराज। हमीदिया गर्ल्स डिग्री कॉलेज में मध्यकालीन इतिहास विभाग के तत्वावधान में प्रो. चंद्रा पंत स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। बेगम खुर्शीद ख्वाजा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मध्यकालीन भारत में महिलाओं की स्थिति और यात्रा-पर्यटन के ऐतिहासिक महत्व पर विद्वानों ने विचार रखे। प्राचार्या नासेहा ने महाविद्यालय के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए स्मृति व्याख्यानों की प्रासंगिकता बताई। संयोजिका डॉ. नुजहत फातिमा ने प्रो. चंद्रा पंत के जीवन और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. चंद्रा पंत की पुत्री और भारतीय रिजर्व बैंक की पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. दीपाली पंत जोशी मौजूद रहीं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. एनआर फारूकी ने प्रो. पंत से जुड़ी स्मृतियां साझा कीं और इतिहास लेखन में निष्पक्षता पर जोर दिया। मुख्य वक्ता जामिया मिल्लिया इस्लामिया की पूर्व प्रोफेसर प्रो. सुनीता जैदी ने ‘मध्यकालीन भारत में लैंगिक स्थिति’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने मीराबाई, रानी दुर्गावती, नूरजहां जैसी ऐतिहासिक महिलाओं के योगदान पर चर्चा की। मुख्य अतिथि वर्जीनिया विश्वविद्यालय की प्रो. मेहर अफशां फारूकी ने साहित्य, इतिहास और संस्कृति के संबंधों पर विचार रखे। अध्यक्षता प्रो. एसआईए जैदी ने की, जिन्होंने सतत पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर बल दिया। इस दौरान डॉ. नुजहत फातिमा की पुस्तक ‘तारिख-ए-हमीदियारू सुनहरी विरासत के पचास साल’ का विमोचन हुआ और निबंध व रिपोर्ट लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। संचालन डॉ. तबस्सुम निगार ने किया।