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एनटीपीसी संयंत्र की उड़ती राख से ग्रामीणों का जीना मुहाल, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा

ग्रामीणों का आरोप है कि इस प्रदूषण के कारण ग्रामीणों के जन-जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है। हवा में उड़ने वाली बारीक राख (फ्लाई ऐस) खुले में रखे खाने-पीने के समान और पानी के पीने को स्रोतों में हैंडपंप और तालाबों में मिल रही है। खेतों और फसलों पर रख की मोटी परत जमने के कारण साग सब्जियां और अनाज ठीक से नहीं रख पा रहे हैं। इसी कारण से किसानों को खेती पर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे खेतो में पैदावार फहले से कम हो गया है। जिससे किसानों की आवश्यकता और घरेलू खान-पान दोनों प्रभावित हो रहे हैं। गंभीर बीमारियों का लगातार सांस के साथ अंदर जाने वाली राख के कारण बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों में दमा सांस की तकलीफ की बीमारियां तेज से बढ़ रहा हैं।
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