एआई के दौर में रोजगार के लिए कौशल जरूरी : डॉ. विपिन खुराना
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) एवं आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में फैकल्टी एवं स्टूडेंट नॉलेज शेयरिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 48 शिक्षक और 161 विद्यार्थियों सहित कुल 209 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
बेंगलुरु से आए विशेषज्ञ डॉ. विपिन खुराना ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बीच रोजगार के बदलते स्वरूप के अनुरूप नई तकनीक और कौशल विकसित करना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों को केस स्टडी, समूह चर्चा और व्यावहारिक समस्याओं के माध्यम से विद्यार्थियों की तार्किक सोच एवं निर्णय क्षमता विकसित करने की सलाह दी।
आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील के. कबिया ने उच्च शिक्षा में नवीन शिक्षण पद्धतियों और शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास को महत्वपूर्ण बताया। अर्थशास्त्र एवं वित्त विभागाध्यक्ष डॉ. शंभू नाथ सिंह ने केस स्टडी आधारित शिक्षण को सैद्धांतिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
विद्यार्थियों के सत्र में जनरेटिव एआई, भविष्य में रोजगार की संभावनाओं, डिजिटल दक्षता और एआई के जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में आईसीएफएआई बिजनेस स्कूल के सीनियर मार्केटिंग ऑफिसर विवेक शर्मा एवं सीनियर मैनेजर अंकित त्रिवेदी शामिल रहे। संचालन डॉ. ज्योति कुमारी मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर डॉ. अमरजोत वर्मा, डॉ. ज्योति मिश्रा, हेमंत चंद्रा, डॉ. राधिका चौधरी, डॉ. शिल्पा मिश्रा, डॉ. प्रियंका अग्रवाल, डॉ. गजाला अहमद, डॉ. हितिका यादव, डॉ. बबीता सिंह, डॉ. अंकित श्रीवास्तव, डॉ. विकास चौरसिया, डॉ. नीरज, डॉ. नेहा राय, डॉ. रितु सिंह, डॉ. शुभांगी निगम, डॉ. शिखा सोनी, डॉ. शिविका भटनागर, डॉ. ज्योति चंदेल, डॉ. प्रियल चतुर्वेदी, डॉ. अमीषा, डॉ. आयुष सक्सेना, डॉ. जूही गोविंदानी, डॉ. रितु शर्मा, डॉ. ज्योति गुप्ता, डॉ. निधि श्रीवास्तव, डॉ. ऋचा राय, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. संदीप अग्रवाल एवं निशांत पोरवाल सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक उपस्थित रहे।