बुंदेलखंड में कम पानी की खेती और कृषि कारोबार के नए विकल्पों पर मंथन किसान महासभा में जल संरक्षण, दलहन-तिलहन, औषधीय खेती और वैल्यू एडिशन पर चर्चा, 10 किसानों को मिला ‘कृषि वीर’ सम्मान
झांसी। बुंदेलखंड में पानी की कमी और खेती की बढ़ती लागत के बीच किसानों की आमदनी बढ़ाने के नए विकल्पों पर शनिवार, 24 अक्टूबर को रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में किसान कारवां 2.0 की पांचवीं क्षेत्रीय किसान महासभा आयोजित हुई। किसान तक की इस पहल में कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों ने जल संरक्षण, फसल विविधीकरण, औषधीय खेती तथा कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि खेत तालाब योजना ने बुंदेलखंड में खेती को सहारा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 22 एकड़ क्षेत्र में बने तालाबों से करीब 300 एकड़ कृषि फार्म को लाभ मिल रहा है। उन्होंने किसानों को स्थानीय मिट्टी, जलवायु और संसाधनों के अनुसार फसलों का चयन करने की सलाह दी।
महासभा में अधिष्ठाता मात्स्यिकी डॉ. पीके पांडे ने मत्स्य पालन को अतिरिक्त आय का माध्यम बताया। महोबा की युवा महिला उद्यमी मयंकिता चौरसिया ने पान की खेती और उससे जुड़े उत्पादों में मूल्यवर्धन के अनुभव साझा किए। निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. सुशील कुमार सिंह ने दलहन-तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों और उपयुक्त किस्मों को अपनाने पर जोर दिया।
‘कम पानी में दम दिखाने वाली फसलें’ विषयक सत्र में निदेशक शोध डॉ. एसके चतुर्वेदी, अधिष्ठाता कृषि डॉ. आरके सिंह और प्रगतिशील किसान पुष्पेंद्र यादव ने विचार रखे। पुष्पेंद्र यादव ने तुलसी जैसी औषधीय फसलों की खेती और प्रसंस्करण से किसानों के लिए कारोबार के नए अवसरों की जानकारी दी। महासभा में कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों और किसानों के बीच संवाद मजबूत करने के लिए कृषि परिषद के गठन की पहल पर भी चर्चा हुई।
महासभा में खेती में नवाचार, कृषि उद्यमिता और फसल विविधीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 10 किसानों को कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
सम्मानित किसानों में पुष्पेंद्र सिंह यादव (झांसी), दीप नारायण पांडे (चित्रकूट), अशोक कुमार सिंह (जालौन), आलोक सिंह (बांदा), राजकुमार चौरसिया और डॉ. ध्वजपाल सिंह (महोबा), राजकुमार पांडे और मिथुन राजपूत (हमीरपुर), कोमल प्रसाद अहिरवार (ललितपुर) तथा तान्या बंसल (झांसी) शामिल रहे।
कार्यक्रम के दौरान सीतापुर के जादूगर सलमान ने करतब दिखाकर किसानों का मनोरंजन भी किया। महासभा में इस बात पर जोर दिया गया कि जल संरक्षण, वैज्ञानिक खेती और कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण को बाजार से जोड़कर बुंदेलखंड में खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।