अकीदत और रूहानियत के साथ मनाया जा रहा दरबारे सफवी का सालाना उर्स महफिले समां में उमड़े अकीदतमंद, सोमवार को कुल शरीफ के साथ होगा चार रोजा जलसे का इख्तिताम
प्रयागराज। शाहनूर अलीगंज स्थित दरबारे सफवी का चार रोजा सालाना उर्स अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जा रहा है। शनिवार को हजरत कादिर उल्लाह शाह चिश्ती निजामी सफवी के उर्स के मौके पर नमाजे जोहर के बाद महफिले समां और नमाजे असर के बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। हकीम रिजवान हमीद साबरी साहब की सरपरस्ती में आयोजित रस्मों में अकीदतमंदों ने शिरकत की। रविवार को तीसरे दिन हजरत शाह इफ्तेखार उल्लाह अलमारूफ अब्दुर्रहमान चिश्ती निजामी सफवी के उर्स पर कुरआनख्वानी, फातेहा और महफिले समां का एहतमाम होगा। सोमवार को हजरत मौलाना महबूब उल्लाह अलमारूफ हकीम मोहम्मद हामिद चिश्ती निजामी सफवी के उर्स की रस्मों के साथ जलसे का इख्तिताम होगा। पुराना काला डांडा स्थित मजार-ए-अकदस पर सुबह 10 बजे गुस्ल व चादरपोशी और रात में महफिले समां होगी।
उर्स में जबलपुर, गुजरात, भोपाल और मिर्जापुर से आए मेंराज अहमद जमाली, नसीम, मोईन अख्तर, रहीम मुल्ला, मोहम्मद जमालुद्दीन, मोहम्मद रशीद खान, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद शादाब, हाफिज मोहम्मद हफीज खान, मोहम्मद सलमान सफवी, रेहान हामिद सफवी, अब्दुल मुनअम, नजमुस साकिब सफवी और मोहम्मद सईद समेत अन्य मेहमानों का इस्तकबाल किया गया। शगुन ग्रुप की ओर से नजरानए अकीदत पेश किया गया। यह जानकारी मुहिब्बाने औलिया कमेटी के सदर मोहम्मद महबूब दावर ने दी।