52 स्पेशल एजुकेटर्स के प्रशिक्षण से समावेशी शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान चार दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, दिव्यांग बच्चों की पहचान और बेहतर शिक्षण के लिए किया गया प्रशिक्षित
प्रयागराज, 15 अक्टूबर। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शिक्षा संस्थान, एलनगंज में आयोजित चार दिवसीय जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम गुरुवार को संपन्न हो गया। समग्र शिक्षा के अंतर्गत 12 से 15 अक्टूबर तक चले इस प्रशिक्षण में 52 स्पेशल एजुकेटर्स को प्रशिक्षित किया गया। समापन अवसर पर सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वरुण कुमार यादव और जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) विकास पाण्डेय ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए।
सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वरुण कुमार यादव ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशिक्षित स्पेशल एजुकेटर्स विद्यालयों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर शैक्षिक सहयोग दें और उनके अनुकूल वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जिला समन्वयक विकास पाण्डेय ने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उनकी जरूरतों के अनुसार शिक्षण की व्यवस्था करना और विद्यालय की गतिविधियों में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रशिक्षित एजुकेटर्स से अपने-अपने विकासखंडों में शिक्षकों को मार्गदर्शन देने के साथ च्त्।ैभ्।ैज् ऐपध्पोर्टल तथा प्रभावी शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
स्क्रीनिंग और शिक्षण तकनीकों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान एवं स्क्रीनिंग, शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी उपयोग और समावेशी कक्षा-कक्ष विकसित करने के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने किया था। उनके निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण का संचालन जिला समन्वयक विकास पाण्डेय ने किया। समापन पर प्रशिक्षित प्रतिभागियों से दिव्यांग बच्चों के शैक्षिक सशक्तीकरण में प्रभावी योगदान देने की अपेक्षा की गई।
सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी वरुण कुमार यादव ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता और आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशिक्षित स्पेशल एजुकेटर्स विद्यालयों में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर शैक्षिक सहयोग दें और उनके अनुकूल वातावरण तैयार करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जिला समन्वयक विकास पाण्डेय ने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उनकी जरूरतों के अनुसार शिक्षण की व्यवस्था करना और विद्यालय की गतिविधियों में उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना है। उन्होंने प्रशिक्षित एजुकेटर्स से अपने-अपने विकासखंडों में शिक्षकों को मार्गदर्शन देने के साथ च्त्।ैभ्।ैज् ऐपध्पोर्टल तथा प्रभावी शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
स्क्रीनिंग और शिक्षण तकनीकों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान एवं स्क्रीनिंग, शिक्षण-अधिगम सामग्री के प्रभावी उपयोग और समावेशी कक्षा-कक्ष विकसित करने के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने किया था। उनके निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण का संचालन जिला समन्वयक विकास पाण्डेय ने किया। समापन पर प्रशिक्षित प्रतिभागियों से दिव्यांग बच्चों के शैक्षिक सशक्तीकरण में प्रभावी योगदान देने की अपेक्षा की गई।