सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सेना को दिए जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश, होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर कूटनीतिक बातचीत भी तेज
- सैन्य निर्देश: मोजतबा खामेनेई ने सैन्य कमांडरों के साथ बैठक में सशस्त्र बलों को किसी भी तरह के खतरे का तत्काल और कड़ा जवाब देने का निर्देश दिया है।
- नई टारगेट लिस्ट: ईरान ने अमेरिका और इजराइल के संभावित भौतिक और गैर-भौतिक (Physical and non-physical) ठिकानों की एक नई सूची तैयार करने के आदेश दिए हैं।
- युद्ध की शर्तें: खामेनेई का कहना है कि युद्ध कब और किन शर्तों पर समाप्त होगा, इसका फैसला ईरान की सेना और नेतृत्व तय करेगा। तेहरान। मध्य-पूर्व में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने दोनों देशों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान पर किसी भी तरह का हमला हुआ तो उसका जवाब तत्काल, प्रभावी और भौगोलिक सीमाओं से परे होगा। उनके इस बयान से क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने की आशंका गहरा गई है। हालांकि, एक तरफ जहां तेहरान ने अपनी सैन्य तैयारियां मजबूत करने के संकेत दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ युद्ध टालने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने शनिवार को देश के शीर्ष सैन्य कमांडरों के साथ बैठक के दौरान यह चेतावनी दी। उन्होंने सेना को संभावित खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने और जवाबी कार्रवाई की रणनीति को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सैन्य कमांडरों से अमेरिका और इजरायल से जुड़े संभावित ठिकानों तथा परिसंपत्तियों की लक्ष्य सूची को भी अद्यतन करने को कहा। ईरानी नेतृत्व का कहना है कि किसी भी नए हमले की स्थिति में देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अमेरिकी हमले की आशंका के बीच बढ़ी सैन्य सतर्कता
ईरान की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और इजरायल के साथ उसके बीच पहले से ही गंभीर तनाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई के विकल्प खुले रखे हैं। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी नए हमले को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है और कूटनीतिक समाधान की संभावना भी बनी हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर संभावित कार्रवाई की आशंका जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 48 घंटे का प्रस्ताव
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि कतर के मध्यस्थों के साथ बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य को 48 घंटे के भीतर पूरी तरह खोलने का प्रस्ताव सामने आया है। इसके लिए अमेरिका को ईरान की कुछ शर्तों पर सहमति देनी होगी। कतर में ईरानी प्रतिनिधिमंडल और मध्यस्थों के बीच बातचीत जारी है। अराघची ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ तत्काल सीधी बैठक की संभावना से इनकार किया, लेकिन व्यापक बातचीत की अमेरिकी पहल को सकारात्मक कदम बताया।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक कच्चे तेल और ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों, समुद्री परिवहन और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। ऐसे में इसे दोबारा खोलने की पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खाड़ी देशों ने जताई युद्ध बढ़ने की आशंका
मध्य-पूर्व में तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय देश भी सक्रिय हो गए हैं। सऊदी अरब और मिस्र समेत कई देशों ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने तथा बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है। क्षेत्रीय नेताओं का मानना है कि यदि दोबारा बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्ष शुरू हुआ तो उसका असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है।
दुनिया की नजरें अमेरिका-ईरान बातचीत पर
ईरान की सैन्य चेतावनी और दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल अमेरिका ने नए हमले को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है और ईरान भी अपनी शर्तों पर बातचीत की बात कर रहा है। ऐसे में आने वाले कुछ दिन मध्य-पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था और वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।