यूपीयूएमएस सैफई के ‘शुक्ल पक्ष’ की भी हो चर्चा, कुलपति डॉ. अजय सिंह के एक वर्ष में कायाकल्प
इटावा। सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (पूर्व में यूपीरिम्स 2005) स्थापना से ही चर्चा में रहा है। राजनीतिक कारणों, लोकल स्टाफ और कुछ अधिकारियों की कार्यशैली के चलते संस्थान की साख पर कई बार सवाल उठे। मीडिया ने भी अक्सर उसके स्याह पक्ष को ही दिखाया। लेकिन हर कृष्ण पक्ष का शुक्ल पक्ष भी होता है। पिछले एक सवा साल में कुलपति डॉ. अजय सिंह ने जिस तरह संस्थान का कायाकल्प किया है, वह उल्लेखनीय है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और कर्मचारियों को अनुशासित कर व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया। भ्रष्ट और अनैतिक नेक्सस पर कार्रवाई कर अनुशासन स्थापित किया। उनके प्रयासों से संस्थान को पूर्व की तुलना में चार गुना अधिक बजट मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके कार्यकाल की उपलब्धियों की सराहना कर चुके हैं। किसी भी सुधार के दौरान विरोध होना स्वाभाविक है। लेकिन सांच को आंच नहीं। ग्रामीण भारत को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और शोध उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हो रहे इन प्रयासों के लिए कुलपति डॉ. अजय सिंह बधाई के पात्र हैं।