शुकतीर्थ कार्तिक गंगा स्नान मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, 21 नवंबर से होगा आयोजन जिला पंचायत अध्यक्ष एवं प्रशासक,एवं एडीएम (वित्त एवं राजस्व) मेला स्थल का किया निरीक्षण
डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर।ऐतिहासिक शुकतीर्थ (शुक्रताल) में 21 से 25 नवंबर तक आयोजित होने वाले कार्तिक गंगा स्नान मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। 24 नवंबर को मुख्य गंगा स्नान पर्व होगा।मेले के सफल,सुव्यवस्थित और सुरक्षित आयोजन को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष एवं प्रशासक डा० वीरपाल निर्वाल तथा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद अधिकारियों ने मेला स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा में सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।बैठक में पुलिस विभाग को सुरक्षा,यातायात नियंत्रण, अग्निशमन व्यवस्था,बाजार क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक तथा गहरे पानी में स्नान करने से श्रद्धालुओं को रोकने के निर्देश दिए गए। आबकारी विभाग को मेला क्षेत्र में शराब और मादक पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित करने को कहा गया।स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा शिविर,एंबुलेंस,दवाइयों और चिकित्सकों की व्यवस्था करने तथा सफाई एवं कीटनाशक छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को मोरना-शुक्रताल मार्ग की मरम्मत,सड़क के गड्ढे भरने और पुल की टूटी रेलिंग ठीक कराने को कहा गया।विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति और लटकते तारों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।इसके अलावा ड्रेनेज विभाग को घाटों पर निर्माण कार्य रोककर बांध और सीसी मार्ग की मरम्मत कराने, वन विभाग को धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव तथा पेड़ों की छंटाई कराने और विकास प्राधिकरण को हाईमास्ट लाइटें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।पशु चिकित्सा विभाग को भैंसा-बुग्गी सहित पशुओं की देखभाल, पंचायती राज एवं स्थानीय निकायों को सफाई और पानी के टैंकरों की व्यवस्था तथा कृषि विभाग को कृषि प्रदर्शनी लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई।मेले की संपूर्ण व्यवस्था जिला पंचायत द्वारा की जाएगी।निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी जानसठ रश्मि लव, अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार,जिला पंचायत के स्टेनो अक्षय शर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सुविधा,सुरक्षा और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए सभी तैयारियां मेले से पहले पूरी कर ली जाएं।