रकारी और सार्वजनिक भवनों के संरक्षण के लिए सामूहिक पहल जरूरी, छोटी लापरवाही से बच सकती है करोड़ों की संपत्ति सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से भवनों की नियमित देखभाल करने की अपील
डा० एम ए तोमर
मुजफ्फरनगर।एडीएम वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह ने
सरकारी कार्यालयों,विद्यालयों और सार्वजनिक भवनों की देखभाल को लेकर अपील जारी करते हुए सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की है।उन्होने अपील जारी करते हुए कहा कि थोड़ी-सी लापरवाही के कारण करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित भवन धीरे-धीरे जर्जर हो जाते हैं, जबकि समय रहते छोटी-मोटी मरम्मत और नियमित निगरानी से बड़े नुकसान को रोका जा सकता है।अपील में कहा गया है कि भवनों की छतों की नियमित सफाई कराई जाए और वर्षा जल की निकासी के लिए बने ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त रखा जाए,ताकि छतों पर पानी जमा न हो।छतों पर उगने वाली घास-फूस और पेड़-पौधों को समय रहते हटाया जाए, क्योंकि उनकी जड़ें भवनों में दरार पैदा कर सकती हैं।इसके साथ ही दीवारों में दरार,सीलन, प्लास्टर टूटने और पानी के रिसाव जैसी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए।कार्यालयों और सार्वजनिक परिसरों में स्वच्छता बनाए रखने,अनुपयोगी सामग्री एवं मलबे का उचित निस्तारण करने तथा विद्यालयों और अन्य सार्वजनिक भवनों के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई है।अपील में कहा गया है कि भवनों का संरक्षण केवल सरकार या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है,बल्कि यह सभी का सामूहिक दायित्व है। सरकारी भवन जनता की गाढ़ी कमाई से तैयार होते हैं और आने वाली पीढ़ियों की महत्वपूर्ण धरोहर हैं।इनके रखरखाव के लिए हमेशा बड़े बजट की जरूरत नहीं होती,बल्कि समय पर की गई छोटी मरम्मत और नियमित निगरानी से बड़ी आर्थिक क्षति रोकी जा सकती है।सभी से अपने कार्यस्थल, विद्यालय, आवास और आसपास के भवनों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लेने की अपील की गई है, ताकि सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षित रहे और देश के संसाधनों की बचत हो सके।