मरहूमा सिद्दीका खातून की मजलिस में मां के मकाम पर मौलाना अलमदार हसनैन ने किया खिताब - साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ पत्रकार शहंशाह आब्दी ने की शिरकत
फतेहपुर। शहर के कजियाना स्थित शिया जामा मस्जिद में मरहूमा सिद्दीका खातून बिन्ते मरहूम कल्बे हुसैन जैदी के इसाले सवाब के लिए मजलिस-ए-अजा का आयोजन किया गया। मजलिस को खिताब करते हुए खतीब-ए-अहलेबैत मौलाना अलमदार हसनैन किब्ला ने इस्लाम में मां के बुलंद मकाम, उसकी अजीम शख्सियत और औलाद के प्रति उसके त्याग पर रोशनी डाली।
मौलाना ने कहा कि मां का रिश्ता दुनिया के सबसे पाक और अनमोल रिश्तों में से एक है। मां अपनी औलाद की खुशियों के लिए तमाम तकलीफें सहती है और उसकी कामयाबी के लिए हमेशा दुआ करती है। मां के इंतकाल के बाद उसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन उसकी दी हुई तालीम, तरबियत और नेक सीख हमेशा औलाद के साथ रहती है। उन्होंने अहलेबैत-ए-अतहार की शिक्षाओं का हवाला देते हुए लोगों से मां-बाप की इज्जत करने और उनकी खिदमत को अपनी जिंदगी का अहम फर्ज बनाने की अपील की। मजलिस के दौरान मरहूमा सिद्दीका खातून की मगफिरत और उनके दरजात की बुलंदी के लिए दुआ की गई। मजलिस में पेशख्वानी जनाब जफर फतेहपुरी ने की, जबकि सोजख्वानी जनाब अबुतुराब मुस्तफाबादी और जनाब शुऐब हुसैन ने की। इस मौके पर साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार शहंशाह आब्दी सहित तमाम लोगों ने शिरकत कर मरहूमा को खिराज-ए-अकीदत पेश की। मजलिस के बाद मौलाना दानिश साहब किब्ला के आवास पर मरहूमा के इसाले सवाब के लिए सूरा की तिलावत और फातेहा का आयोजन हुआ। अंत में मौलाना दानिश साहब ने मजलिस में शामिल हुए सभी पुरसादारों का शुक्रिया अदा किया।
मौलाना ने कहा कि मां का रिश्ता दुनिया के सबसे पाक और अनमोल रिश्तों में से एक है। मां अपनी औलाद की खुशियों के लिए तमाम तकलीफें सहती है और उसकी कामयाबी के लिए हमेशा दुआ करती है। मां के इंतकाल के बाद उसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती, लेकिन उसकी दी हुई तालीम, तरबियत और नेक सीख हमेशा औलाद के साथ रहती है। उन्होंने अहलेबैत-ए-अतहार की शिक्षाओं का हवाला देते हुए लोगों से मां-बाप की इज्जत करने और उनकी खिदमत को अपनी जिंदगी का अहम फर्ज बनाने की अपील की। मजलिस के दौरान मरहूमा सिद्दीका खातून की मगफिरत और उनके दरजात की बुलंदी के लिए दुआ की गई। मजलिस में पेशख्वानी जनाब जफर फतेहपुरी ने की, जबकि सोजख्वानी जनाब अबुतुराब मुस्तफाबादी और जनाब शुऐब हुसैन ने की। इस मौके पर साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार शहंशाह आब्दी सहित तमाम लोगों ने शिरकत कर मरहूमा को खिराज-ए-अकीदत पेश की। मजलिस के बाद मौलाना दानिश साहब किब्ला के आवास पर मरहूमा के इसाले सवाब के लिए सूरा की तिलावत और फातेहा का आयोजन हुआ। अंत में मौलाना दानिश साहब ने मजलिस में शामिल हुए सभी पुरसादारों का शुक्रिया अदा किया।