मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में जटिल सर्जरी से छात्र को मिला नया जीवन,पसली की कार्टिलेज से बनाया कृत्रिम कान छह घंटे तक चला ऑपरेशन,प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग की टीम ने किया सफल पुनर्निर्माण
मुजफ्फरनगर।मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।कॉलेज के प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग की टीम ने एक युवक के दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुए कान का सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण कर उसे नई उम्मीद दी है।इस जटिल ऑपरेशन में युवक की अपनी पसली की कार्टिलेज (उपास्थि) का इस्तेमाल कर कान को नया आकार दिया गया।यह जटिल सर्जरी प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा० रोहन गोयल के नेतृत्व में की गई। ऑपरेशन में उनके साथ डा० आयुष तेवतिया (एसआर),डा० इशिता वर्मा (जेआर),डा० मनषु पोलस (जेआर) और डा० जरीन चौधरी (जेआर) की टीम शामिल रही।करीब छह घंटे तक चले इस ऑपरेशन में चिकित्सकों ने आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता का परिचय दिया।जानकारी के अनुसार शामली निवासी छात्र कुछ समय पहले स्कूल जाते समय स्कूटी से हुए सड़क हादसे का शिकार हो गया था।दुर्घटना में उसका कान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।परिजन उसे उपचार के लिए मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे जहां प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग में डा० रोहन गोयल ने उसकी जांच की और कान के पुनर्निर्माण का निर्णय लिया।डा० रोहन गोयल ने बताया कि यह एक दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था, जिसे चिकित्सा विज्ञान में ऑटोलॉगस ईयर रिकंस्ट्रक्शन कहा जाता है।इसमें मरीज की ही पसली की कार्टिलेज निकालकर उसे कान के प्राकृतिक आकार में तराशा जाता है और फिर क्षतिग्रस्त स्थान पर प्रत्यारोपित किया जाता है।इस तकनीक से शरीर के अपने ऊतक का उपयोग होने के कारण पुनर्निर्माण संभव हो पाता है।डा० रोहन गोयल ने अपनी चिकित्सा शिक्षा सफदरजंग अस्पताल,नई दिल्ली से प्राप्त की है।उन्होंने बताया कि इस प्रकार की एडवांस सर्जरी सामान्यतः बड़े महानगरों के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में की जाती है।मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज में इस जटिल ऑपरेशन की सफलता संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।इस उपलब्धि से न केवल मुजफ्फरनगर बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मरीजों को भी लाभ मिलेगा।अब इस तरह के जटिल उपचार के लिए मरीजों को दिल्ली जैसे बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी।मेडिकल कॉलेज की इस सफलता को क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।