कुरीति का परित्याग ही मोक्ष मार्ग- आचार्य गिरीशचंद्र हरिहरपुर कैलहा में विश्राम दिवस पर भक्ति संगीत में मंत्रमुग्ध हुए श्रद्धालु
प्रतापगढ़। हरिहरपुर कैलहा में श्रीमदभागवत कथा ज्ञानयज्ञ के विश्राम दिवस पर भजन संकीर्तन के साथ मोक्ष कथा पर श्रद्धालु भावविभोर दिखे। कथाव्यास आचार्य गिरीशचंद्र मिश्र ने कहा कि कुरीति तथा अनीति का परित्याग ही मोक्ष मार्ग है। उन्होने कहा कि भगवान की पूजा का प्रतिफल सदैव सत्य धर्म में निहित हुआ करता है। विश्राम दिवस पर भजन संकीर्तन में महिला श्रद्धालुओं को भक्तिभाव में उत्साहित देखा गया। कथा के संयोजक प्रधान एवं अधिवक्ता देवी प्रसाद मिश्र, गीता मिश्रा, रमा मिश्रा, शिव प्रसाद मिश्र ने व्यासपीठ का पूजन अर्चन करते हुए आचार्य गिरीश मिश्र को सम्मानित किया। विश्राम दिवस पर कथा मण्डप में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गयी। कथा स्थली भगवान राधे सरकार तथा श्रीजगन्नाथ के जयघोष से गूंज उठा। इस मौके पर शिव नारायण शुक्ल, कौशलेंद्र तिवारी, सुरेश मिश्र मदन, सौरभ शुक्ला, घनश्याम मिश्र, राम अभिलाष यादव, दिनेश मिश्र, राणा सूबेदार सिंह चैहान आदि रहे।