कुलभास्कर के शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया
प्रयागराज। सोमवार को कुलभास्कर आश्रम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के समस्त शिक्षको ने उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के आह्वान पर डिग्री शिक्षकों के संदर्भ में लंबित माँगो- पुरानी पेंशन बहाल करना, सेवा निवृत्ति की आयु 65 वर्ष करना,चिकित्सकीय अवकाश प्रदान करना, फीडर कैडर का लाभ, स्थानांतरण की प्रक्रिया सरल की जाए, समय पर पेंशन एवं जी पी एफ भुगतान, पी-एच० डी० इन्क्रीमेंट प्रदान करना, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विसंगतियों को दूर करना, अनुदानित एवं अंशकालिक शिक्षकों की सेवा शर्तों में सुधार करना एवं नियमित शिक्षकों की समय से नियुक्ति करना इत्यादि मांगों के निस्तारण न होने के फलस्वरूप आक्रोशित होकर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया ।
प्रो० राजेंद्र सिंह रज्जू भैय्या के शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो पवन कुमार पचैरी ने कहा कि हमारी शिक्षक हितों से संबंधित मांगों को सरकार लगातार अनसुना कर रही है जिससे विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों में अत्यंत आक्रोश है । विश्वविद्यालय महामंत्री डॉ० बिपिन कुमार ने इस आंदोलन को तब तक जारी रखने को कहा जब तक सरकार हमारी मांगे मान नहीं लेती । कुलभास्कर शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ० प्रमोद यादव ने कहा कि अगर शिक्षक हितों के खिलाफ सरकार का यही रवैया रहा तो हम सभी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे । प्रो० आर० एल० पाल, प्रो० वी० एन० पांडेय, प्रो० सलीमुद्दीन, इ० आर० पी० सिंह, प्रो० जे० एस० भदौरिया, प्रो० शशिकांत त्रिपाठी, प्रो० ए० सी० सिंह, प्रो० मनीष श्रीवास्तव, डॉ० अनुराग त्रिपाठी, डाॅ० प्रेमचंद्र, डॉ० एस० पी० यादव, डॉ० देवेन्द्र प्रसाद , डॉ०, डॉ० मनोज सिंह, डॉ० परम प्रकाश सिंह, डॉ० मनीष कुमार, डॉ० अनिल कुमार, डॉ० संजय विश्वकर्मा तथा अन्य शिक्षकों ने सभा को संबोधित कर सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों की आलोचना की ।
प्रो० राजेंद्र सिंह रज्जू भैय्या के शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो पवन कुमार पचैरी ने कहा कि हमारी शिक्षक हितों से संबंधित मांगों को सरकार लगातार अनसुना कर रही है जिससे विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों में अत्यंत आक्रोश है । विश्वविद्यालय महामंत्री डॉ० बिपिन कुमार ने इस आंदोलन को तब तक जारी रखने को कहा जब तक सरकार हमारी मांगे मान नहीं लेती । कुलभास्कर शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ० प्रमोद यादव ने कहा कि अगर शिक्षक हितों के खिलाफ सरकार का यही रवैया रहा तो हम सभी बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे । प्रो० आर० एल० पाल, प्रो० वी० एन० पांडेय, प्रो० सलीमुद्दीन, इ० आर० पी० सिंह, प्रो० जे० एस० भदौरिया, प्रो० शशिकांत त्रिपाठी, प्रो० ए० सी० सिंह, प्रो० मनीष श्रीवास्तव, डॉ० अनुराग त्रिपाठी, डाॅ० प्रेमचंद्र, डॉ० एस० पी० यादव, डॉ० देवेन्द्र प्रसाद , डॉ०, डॉ० मनोज सिंह, डॉ० परम प्रकाश सिंह, डॉ० मनीष कुमार, डॉ० अनिल कुमार, डॉ० संजय विश्वकर्मा तथा अन्य शिक्षकों ने सभा को संबोधित कर सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों की आलोचना की ।