कोहरे में सुरक्षित रेल संचालन को लेकर झांसी मंडल में संरक्षा सेमिनार आयोजित 81 रेलकर्मियों ने लिया भाग, शंटिंग में शॉर्टकट से बचने और संरक्षा नियमों का पालन करने पर दिया गया जोर
झांसी। सर्दियों में कोहरे के दौरान रेल संचालन को सुरक्षित बनाए रखने और संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से गुरुवार को एरिया ट्रेनिंग सेंटर (यातायात), झांसी में संरक्षा सेमिनार का आयोजन किया गया। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के निर्देशानुसार तथा वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी गिरीश कंचन की उपस्थिति में आयोजित इस सेमिनार में विभिन्न विभागों के सुपरवाइजरों एवं कर्मचारियों सहित कुल 81 रेलकर्मियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में छह संरक्षा सलाहकार भी शामिल रहे।
सेमिनार में शीतकालीन परिस्थितियों में रेल संचालन के दौरान आने वाली चुनौतियों और उनसे निपटने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कर्मचारियों को बताया गया कि कोहरे के दौरान दृश्यता कम होने के कारण ट्रेन संचालन में अतिरिक्त सतर्कता बरतना आवश्यक है। निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ही रेल संचालन किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान ब्रेक जाम होने की स्थिति, हॉट एक्सल की पहचान, आग लगने के संभावित कारणों तथा आग लगने पर तत्काल की जाने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही शंटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने, किसी भी परिस्थिति में शॉर्टकट नहीं अपनाने, लोड को सुरक्षित एवं स्थिर रखने और रोलिंग डाउन जैसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर विशेष जोर दिया गया।
विद्युतीकृत रेलखंडों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को बिजली से जुड़े सुरक्षा नियमों, डिस्कनेक्शन एवं रिकनेक्शन की निर्धारित प्रक्रिया तथा कार्य के दौरान आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया गया। रेलकर्मियों को समझाया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसलिए प्रत्येक कार्य को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही पूरा किया जाना चाहिए।
वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी गिरीश कंचन ने कर्मचारियों एवं सुपरवाइजरों को संबोधित करते हुए कहा कि रेल संचालन में संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी सावधानी, जिम्मेदारी और निर्धारित नियमों के अनुरूप करें। उन्होंने रेलवे फाटकों पर आवश्यक सावधानियां बरतने तथा शंटिंग के दौरान किसी भी प्रकार का शॉर्टकट न अपनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आपसी तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सुरक्षित रेल संचालन के लिए प्रत्येक कर्मचारी की सजगता और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से सर्दियों में कोहरे के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।
सेमिनार का उद्देश्य रेलकर्मियों को शीतकालीन परिस्थितियों में संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक करना, संरक्षा प्रक्रियाओं की जानकारी देना और सुरक्षित रेल संचालन की कार्यसंस्कृति को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम का समापन “संरक्षा पहले, संरक्षा अंत तक और संरक्षा हर समय” के संदेश के साथ हुआ।