``` ```

जामिया अहले सुन्नत इशाअतुल इस्लाम बढ़नी में 50वां जश्न-ए-दस्तार-ए-फजीलत संपन्न, 96 छात्रों को बांधी गई पगड़ी दीन और शरीअत की हिफाजत हर आलिम का फर्ज: मौलाना निसार अहमद

स्थानीय कस्बा स्थित प्रतिष्ठित दीनी शिक्षण संस्थान जामिया अहले सुन्नत इशाअतुल इस्लाम में 50वां ऐतिहासिक जश्न-ए-दस्तार-ए-फजीलत (दीक्षांत समारोह) पूरी अकीदत और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस गरिमामय आयोजन में संस्थान से अपनी शिक्षा पूरी करने वाले कुल 96 छात्रों को सनद और दस्तार (पगड़ी) से नवाजा गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जामिया के प्रधानाचार्य मौलाना मोहम्मद दाऊद मिस्बाही ने की, जबकि नेतृत्व शैखुल तजवीद अल्लामा कारी गुलाम अहमद रब्बानी ने किया। मंच का सफल संचालन मौलाना जीशान अहमद जामेई मिस्बाही व मौलाना मोहम्मद उवैस जामेई ने संयुक्त रूप से किया। समारोह का शुभारंभ जामिया अनवारुल कुरआन बलरामपुर के कारी इकरार अहमद द्वारा कुरआन पाक की तिलावत से हुआ। इसके बाद देश, समाज, शिक्षा, आपसी भाईचारे और कौम की तरक्की पर उलेमा-ए-किराम ने विस्तार से रोशनी डाली। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए मौलाना कारी निसार अहमद रिजवी कलकत्तवी ने कहा कि प्रत्येक मुसलमान को कुरआन की तिलावत और नमाज की पाबंदी अनिवार्य रूप से करनी चाहिए। झूठ बोलना गुनाह-ए-कबीरा है
इस खबर को शेयर करें