हार-जीत भाषणों से नहीं, जनता के फैसले से तय होती है: अखिलेश यादव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के नतीजों के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हार और जीत भाषणों से तय नहीं होती, बल्कि जनता अपने वोट से फैसला करती है। शुक्रवार को लखनऊ में नवनिर्वाचित सपा एमएलसी के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस चुनाव ने भाजपा का पूरा राजनीतिक गणित गड़बड़ा दिया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी जनता के समर्थन से पांच सीटें जीतने में सफल रही, जबकि भाजपा ने छह सीटें छल-कपट के जरिए हासिल की हैं। उन्होंने चुनाव में पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि मतदान से लेकर मतगणना और प्रमाणपत्र मिलने तक कार्यकर्ताओं ने पूरी मुस्तैदी दिखाई। यह केवल शुरुआत है, आने वाले समय में पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की ताकत को और विस्तार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में पासी, कायस्थ, व्यापारी और समाज के विभिन्न वर्गों ने सपा के प्रति भरोसा जताया है। वाराणसी में भाजपा के प्रदर्शन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग डबल इंजन सरकार की बात करते थे, उन्हें जनता ने डबल जीरो दे दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवनिर्वाचित एमएलसी कांति सिंह, आशुतोष सिन्हा, लाल बिहारी यादव और आकाश अग्रवाल ने भी चुनाव के अनुभव साझा किए। कुछ प्रत्याशियों ने मतदान और मतगणना के दौरान प्रशासनिक दबाव, अनियमितताओं और बूथ कैप्चरिंग के आरोप लगाए। हालांकि, ये आरोप संबंधित नेताओं के दावे हैं।
अखिलेश यादव ने चुनाव हारने वाले प्रत्याशियों को भी मंच पर स्थान देकर उनका सम्मान किया। गोरखपुर से चुनाव हारे संजय त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर उन्हें हराने की कोशिश की गई। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले समय में लड़ाई सामाजिक न्याय, भाईचारे और लोकतांत्रिक अधिकारों को मजबूत करने की होगी। उन्होंने दावा किया कि एमएलसी चुनाव के नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत हैं।