एआइ के शैक्षणिक उपयोग से दक्ष होंगे शिक्षक, डायट में प्रशिक्षण शुरू तीन दिवसीय प्रशिक्षण में डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की मिलेगी जानकारी
कौशाम्बी। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, रोचक और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के उपयोग में दक्ष किया जा रहा है। इसके लिए डायट मंझनपुर में आवश्यकता आधारित एआइ प्रशिक्षण के सातवें बैच का शुभारंभ सोमवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य निधि शुक्ला की अगुवाई और वरिष्ठ प्रवक्ता अनूप कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ।
इस प्रशिक्षण में सिराथू और सरसवां विकास खंड के कुल 100 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के प्रथम दिन विभिन्न सत्रों में शिक्षकों को शिक्षा में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आइसीटी) के उपयोग, शिक्षकों की क्षमताओं के संवर्धन, सार्वभौमिक अधिगम अभिकल्प (यूडीएल), डिजिटल साक्षरता और साइबर नैतिकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि एआइ और डिजिटल तकनीक का शैक्षणिक गतिविधियों में समुचित उपयोग कर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक सरल, प्रभावी और आकर्षक बनाया जा सकता है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के साथ शिक्षकों को भी पाठ्य सामग्री तैयार करने और कक्षा शिक्षण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण की नोडल प्रवक्ता डा. वंदना सिंह, संदर्भदाता शबनम सिद्दीकी , डा. देवेश सिंह यादव, डा. अनामिका सिंह व सुरेश चंद्र मिश्र ने अलग-अलग सत्रों में विषयवार जानकारी दी। इस अवसर पर डायट के सभी प्रवक्ता उपस्थित रहे। शिक्षक हरिओम सिंह और दीपनारायण मिश्र ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।
इस प्रशिक्षण में सिराथू और सरसवां विकास खंड के कुल 100 शिक्षक प्रतिभाग कर रहे हैं। तीन दिवसीय प्रशिक्षण के प्रथम दिन विभिन्न सत्रों में शिक्षकों को शिक्षा में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आइसीटी) के उपयोग, शिक्षकों की क्षमताओं के संवर्धन, सार्वभौमिक अधिगम अभिकल्प (यूडीएल), डिजिटल साक्षरता और साइबर नैतिकता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि एआइ और डिजिटल तकनीक का शैक्षणिक गतिविधियों में समुचित उपयोग कर शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक सरल, प्रभावी और आकर्षक बनाया जा सकता है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के साथ शिक्षकों को भी पाठ्य सामग्री तैयार करने और कक्षा शिक्षण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
प्रशिक्षण की नोडल प्रवक्ता डा. वंदना सिंह, संदर्भदाता शबनम सिद्दीकी , डा. देवेश सिंह यादव, डा. अनामिका सिंह व सुरेश चंद्र मिश्र ने अलग-अलग सत्रों में विषयवार जानकारी दी। इस अवसर पर डायट के सभी प्रवक्ता उपस्थित रहे। शिक्षक हरिओम सिंह और दीपनारायण मिश्र ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।