डीएम शैलेष कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने किया शुभारंभ, 16 से 30 नवंबर तक स्व-गणना में भागीदारी की अपील**
**भदोही।** जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना के सफल संचालन के लिए जिले के चार प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। जिलाधिकारी एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी शैलेष कुमार ने सेंट थॉमस स्कूल, ज्ञानपुर में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अन्य केंद्रों पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शुभांगी शुक्ला तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विजय नारायण सिंह ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया।
डीएम ने कहा कि जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को निर्धारित प्रक्रियाओं, तकनीकी पहलुओं और दिशा-निर्देशों को गंभीरता से समझने तथा गणना के दौरान आंकड़ों की शुद्धता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए। ज्ञानपुर स्थित सेंट थॉमस स्कूल में लगभग 250 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को 10 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं।
जयराजी देवी पब्लिक स्कूल, जंगीगंज में लगभग 250 प्रशिक्षणार्थियों को 10 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं। यहां मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। वहीं, भदोही के एम.ए. समद इंटर कॉलेज में अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस केंद्र पर लगभग 500 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को 20 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं। औराई क्षेत्र के केशव प्रसाद राल्ही महाविद्यालय, नरथुआ में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विजय नारायण सिंह ने प्रशिक्षण शुरू कराया। यहां भी करीब 500 प्रशिक्षणार्थियों को 20 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने सभी केंद्रों पर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, समयबद्ध संचालन और प्रशिक्षणार्थियों की शंकाओं के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार जनगणना कार्य को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से पूरा करें। साथ ही, डीएम ने जनपदवासियों से **16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन)** प्रक्रिया में ऑनलाइन भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से जनगणना को सफल बनाने में मदद मिलेगी।
डीएम ने कहा कि जनगणना के आंकड़े विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को निर्धारित प्रक्रियाओं, तकनीकी पहलुओं और दिशा-निर्देशों को गंभीरता से समझने तथा गणना के दौरान आंकड़ों की शुद्धता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए। ज्ञानपुर स्थित सेंट थॉमस स्कूल में लगभग 250 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को 10 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं।
जयराजी देवी पब्लिक स्कूल, जंगीगंज में लगभग 250 प्रशिक्षणार्थियों को 10 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं। यहां मुख्य विकास अधिकारी एवं अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। वहीं, भदोही के एम.ए. समद इंटर कॉलेज में अपर जिलाधिकारी शुभांगी शुक्ला ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस केंद्र पर लगभग 500 प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को 20 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं। औराई क्षेत्र के केशव प्रसाद राल्ही महाविद्यालय, नरथुआ में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विजय नारायण सिंह ने प्रशिक्षण शुरू कराया। यहां भी करीब 500 प्रशिक्षणार्थियों को 20 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने सभी केंद्रों पर प्रशिक्षण की गुणवत्ता, समयबद्ध संचालन और प्रशिक्षणार्थियों की शंकाओं के समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित मानकों के अनुसार जनगणना कार्य को व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से पूरा करें। साथ ही, डीएम ने जनपदवासियों से **16 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन)** प्रक्रिया में ऑनलाइन भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से जनगणना को सफल बनाने में मदद मिलेगी।