बच्चों की पढ़ाई को तकनीक का नया आयाम देंगे शिक्षक, एआइ प्रशिक्षण का पांचवां बैच पूरा
कौशाम्बी। कक्षाओं में बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ाने और पढ़ाई को अधिक रोचक व प्रभावी बनाने के लिए शिक्षकों को तकनीकी रूप से दक्ष किया जा रहा है। इसी कड़ी में एआइ विषयक आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण के पांचवें बैच का समापन शुक्रवार को हो गया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आइसीटी) के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाने के तरीके बताए गए।
प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर रहा कि शिक्षक तकनीक का इस्तेमाल केवल जानकारी देने तक सीमित न रखें, बल्कि बच्चों की समझ, सीखने की गति और शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बनाएं। इसके लिए शिक्षा में आइसीटी का परिचय, डिजिटल साक्षरता, साइबर नैतिकता, फेक न्यूज की पहचान और एआइ के शैक्षणिक उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई।
संदर्भदाता देवेश कुमार यादव, नरेंद्र कुमार, शबनम सिद्दीकी, अनामिका सिंह, देवेंद्र सिंह और हरिओम सिंह ने अलग-अलग सत्रों में आइसीटी आधारित मूल्यांकन, विद्यालयों में तकनीकी संसाधनों का प्रबंधन, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा की बारीकियां समझाईं। प्रशिक्षण के जरिए शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के सुरक्षित इस्तेमाल और कक्षा शिक्षण में तकनीक के बेहतर समावेश के लिए तैयार किया गया।
समापन अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता अनूप कुमार ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी दक्षता का लाभ विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई को गुणवत्तापूर्ण और रुचिकर बनाने में लेने पर जोर दिया।
प्रशिक्षण में इस बात पर विशेष जोर रहा कि शिक्षक तकनीक का इस्तेमाल केवल जानकारी देने तक सीमित न रखें, बल्कि बच्चों की समझ, सीखने की गति और शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बनाएं। इसके लिए शिक्षा में आइसीटी का परिचय, डिजिटल साक्षरता, साइबर नैतिकता, फेक न्यूज की पहचान और एआइ के शैक्षणिक उपयोग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी गई।
संदर्भदाता देवेश कुमार यादव, नरेंद्र कुमार, शबनम सिद्दीकी, अनामिका सिंह, देवेंद्र सिंह और हरिओम सिंह ने अलग-अलग सत्रों में आइसीटी आधारित मूल्यांकन, विद्यालयों में तकनीकी संसाधनों का प्रबंधन, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा की बारीकियां समझाईं। प्रशिक्षण के जरिए शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के सुरक्षित इस्तेमाल और कक्षा शिक्षण में तकनीक के बेहतर समावेश के लिए तैयार किया गया।
समापन अवसर पर वरिष्ठ प्रवक्ता अनूप कुमार ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी दक्षता का लाभ विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई को गुणवत्तापूर्ण और रुचिकर बनाने में लेने पर जोर दिया।